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पीएम मोदी को मिला सियोल शांति पुरस्कार 2018, सम्‍मान पाने वाले बने पहले भारतीय और 14वें व्यक्ति ,राशि को नमामि गंगे को करेंगे समर्पित

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सियोल शांति पुरस्‍कार दिए जेने वाला देश दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति : मून जे इन
राजधानी सियोल :
मुद्रा: वोन (KRW)

सियोल पीस प्राइज की स्थापना : 1990 में सियोल में आयोजित 24वें ओलंपिक खेलों की सफलता का जश्न मनाने के लिए सियोल पीस प्राइज की स्थापना की गई थी

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला सियोल शांति पुरस्‍कार 2018

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शुक्रवार 22 Feb को दक्षिण कोरिया में सियोल शांति पुरस्कार 2018 प्रदान किया गया। पीएम मोदी यह सम्‍मान पाने वाले पहले भारतीय और 14वें व्यक्ति हैं। प्रधानमंत्री मोदी को उनकी आर्थिक नीतियों, ‘एक्‍ट ईस्‍ट’ नीति और व‍िकासोन्‍मुखी कार्यों के लिए यह सम्‍मान दिया गया है।  पीएम मोदी ने पुरस्कार में मिली 1.30 करोड़ की रकम को नमामि गंगे प्रोजेक्ट के लिए देने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी का इस पुरस्कार के लिए चुनाव 1300 उम्मीदवारों में से हुआ है. इस अवसर पर मोदी के जीवन तथा उनकी उपलब्धियों पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इससे पहले संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार ‘चैंपियंस ऑफ दी अर्थ’ भी मिल चुका है.

 

क्यों हुए मोदी सियोल शांति पुरस्कार’ से सम्मानित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सियोल पुरस्कार समिति ने भारतीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में उनके योगदान को मान्यता देते हुए और अमीर और गरीब के बीच सामाजिक और आर्थिक विषमता को कम करने के लिए उनकी विशिष्ट आर्थिक नीतियां‘मोदीनॉमिक्स’को श्रेय देते और भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि, विश्व शांति, मानव विकास में सुधार और भारत में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उनके योगदान को देखते हुए सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

सियोल शांति पुरस्कार मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा
यह पुरस्कार मुझे व्यक्तिगत रूप से नहीं बल्कि भारत के लोगों को मिला है, उस सफलता को मिला है जो भारत ने पिछले पांच सालों में अर्जित की है। यह अवॉर्ड उस देश के लिए है जहां हमें संस्कृति के कई अहम पहलू पढ़ाए जाते हैं। जिसे कि 1.3 बिलियन लोगों के कौशल ने संचालित किया है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।’ पीएम मोदी ने कहा है कि वह पुरस्कार में मिली एक करोड़ से ज्यादा की राशि को नमामि गंगे परियोजना को समर्पित कर देंगे। उन्होंने कहा कि हम गांधी जी की शिक्षा पर आगे बढ़ रहे हैं।
भारत का आर्थिक विकास दुनिया के लिए बेहतर है। मुझे इस बात की खुशी है कि यह पुरस्कार मुझे उस साल मिल रहा है जिस साल हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, ‘1988 में सियोल ओलंपिक्स से कुछ हफ्ते पहले एक संगठन अल-कायदा का गठन हुआ था। आज कट्टरता और आतंकवाद वैश्विक हो गए हैं और यह विश्व शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं। आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए हाथ मिलाने और एकजुट होने का समय आ गया है। केवल ऐसा करने से ही हम नफरत को सद्भाव से बदल सकते हैं।’

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सियोल शांति पुरस्कार पाने वाले विजेताओं को सूचि, देश ,एवं वर्ष

 

1. नरेंद्र मोदी : वर्ष: 2018 देश: भारत , पुरस्कृत करने की वजह: विश्व शांति और आर्थिक विकास में उनके योगदान के लिए।

2. डेनिस मुक्वेगे : वर्ष: 2016 देश:  कांगो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, पुरस्कृत करने की वजह: अन्यायपूर्ण युद्धों और संघर्षों को समाप्त करने की दिशा में उनके प्रयास के लिए।

3. एन्जेला मार्केल : वर्ष: 2014 देश: जर्मनी, पुरस्कृत करने की वजह: मानवाधिकारों की रक्षा, शांति को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से युद्ध और आतंकवाद को रोकने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए।

4. बान की मून : वर्ष: 2012 देश: दक्षिण कोरिया, पुरस्कृत करने की वजह: विश्व शांति को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए तथा सामाजिक आर्थिक विकास और विकासशील देशों में गरीबी में कमी के लिए सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन के लिए उन्हें पर्याप्त रूप से श्रेय दिया जाता है

5. जोस एंटोनियो अब्रू : वर्ष: 2010 देश: वेनेजुएला, पुरस्कृत करने की वजह: किशोरियों को हिंसा और अपराध से बचाने के लिए और आर्केस्ट्रा के संगठन के माध्यम से सद्भाव, सहयोग और फेलोशिप को बढ़ावा देकर एक शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए।

6. अब्दुल सत्तार इदी : वर्ष: 2008 , देश: पाकिस्तान, पुरस्कृत करने की वजह: अमेरिकी कांग्रेस में उत्तर कोरिया मानवाधिकार अधिनियम 2004 के सर्वसम्मति से पारित होने और वंचित नागरिकों के लिए उनके अंतहीन संघर्ष को प्राप्त करने में उनकी निर्णायक भूमिका के लिए।

7. मुहम्मद यूनुस : वर्ष: 2006 देश: बांग्लादेश, पुरस्कृत करने की वजह: गरीबी का मुकाबला करने के लिए वैश्विक लड़ाई में सबसे अग्रणी होने के लिए।

8. व्लाकव हवेल : वर्ष: 2004, देश: चेक गणराज्य, पुरस्कृत करने की वजह: तत्कालीन-चेकोस्लोवाकिया के लोकतंत्रीकरण में उनकी भूमिका के लिए।

9. ऑक्सफैम : वर्ष: 2002, देश: यूनाइटेड किंगडम, पुरस्कृत करने की वजह: गरीबी, दुर्दशा और आपदा से लोगों को राहत दिलाने में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए।

10. सदको ओगाटा : वर्ष: 2000, देश: जापान, पुरस्कृत करने की वजह: संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त बनाने में उनकी प्रमुख भूमिका संयुक्त राष्ट्र के कई बोर्डों के हिस्से के रूप में दुनिया की प्रमुख मानवीय एजेंसियों में से एक है। उन्हें यह पुरस्कार शरणार्थियों की दुर्दशा को कम करने में मदद करने के लिए मिला।

11. कोफी अन्नान : वर्ष: 1998, देश: घाना, पुरस्कृत करने की वजह: उनके प्रबंधन कार्यों के लिए शरणार्थी और शांति बनाए रखने के मुद्दे तथा खाड़ी में युद्ध से बचने वाली शांति के लिए उनके प्रस्तावित समझौते के लिए

12. मेडेकिन्स सेन्स फ्रंटिएरेस : वर्ष: 1996, देश: स्विट्जरलैंड, पुरस्कृत करने की वजह: उन लोगों को आपातकालीन चिकित्सा राहत देने के लिए जिनके स्वास्थ्य को युद्ध, नागरिक संघर्ष, महामारी या प्राकृतिक आपदाओं से खतरा है

13. जॉर्ज शुल्त्स : वर्ष: 1992, देश: संयुक्त राज्य अमरीका, पुरस्कृत करने की वजह: उनके कार्यकाल के दौरान शीत युद्ध को समाप्त करने में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए।

14. जुआन एंटोनियो समरंच : वर्ष: 1990, देश: स्पेन, पुरस्कृत करने की वजह: खेल के माध्यम से विश्व शांति के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए।

 

 

 

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