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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 40 एकड़ में फैला नेशनल वॉर मेमोरियल को राष्ट्र को समर्पित किया , 16 दीवारों पर 25 हजार 942 शहीद सैनिकों के नाम दर्ज

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल राष्ट्र को समर्पित किया

दिल्ली में शहीदों के सम्मान में बना नेशनल वॉर मेमोरियल (National War Memorial) को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश को समर्पित किया. ये स्मारक आज़ादी के बाद देश के लिए जान क़ुर्बान करने वाले वीर सैनिकों के सम्मान में तैयार किया गया है. इस अवसर पर पीएम मोदी ने पूर्व सैनिकों से बोले पीएम मोदी, ‘आप सभी भूतपूर्व नहीं अभूतपूर्व हैं’, क्योंकि आज लाखों सैनिकों के शौर्य और समर्पण के कारण हमारी सेना सबसे बड़ी सेना में से एक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राजधानी दिल्ली में बने देश के पहले युद्ध स्मारक को राष्ट्र को समर्पित किया. वीर शहीदों की शान और याद में बनाए गए इस मेमोरियल को कई बातें खास बनाती हैं

 

सरकार ने 4 साल पहले निर्माण को मंजूरी दी

पहली बार 1960 में वॉर मेमोरियल तैयार करने का प्रस्ताव सशस्त्र बलों ने दिया था। सरकारों की उदासीनता, ब्यूरोक्रेट्स और सेना के बीच गतिरोध से इसका निर्माण नहीं हो सका। मोदी सरकार ने अक्टूबर 2015 में स्मारक के निर्माण को मंजूरी दी थी। हालांकि, पहले अंग्रेजों ने प्रथम विश्व युद्ध में शहीद भारतीय सैनिकों की याद में 1931 में इंडिया गेट बनवाया था। 1971 के युद्ध में शहीद हुए 3843 सैनिकों के सम्मान में यहां अमर जवान ज्योति बनाई गई थी।

 

नेशनल वॉर मेमोरियल के बारे में :

  • नेशनल वॉर मेमोरियल का कुल 40 एकड़ में बनाया गया है
  • युद्ध स्मारक में एक ऊंचा स्मृति स्तंभ भी होगा जिसके तले में अखंड ज्योति दीप्तमान रहेगी। 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए जवानों की याद में इंडिया गेट के नीचे 1972 में प्रज्ज्वलित की गयी
  • एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुल 176 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना बनाई गयी है और एक वैश्विक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से इसकी डिजाइन चुनी गयी।
  • राष्ट्रीय युद्ध स्मारक इंडिया गेट कॉम्पलेक्स के पास बनाया गया है जिसकी 16 दीवारों पर 25 हजार 942 शहीद सैनिकों के नाम दर्ज हैं
  • मुख्य संरचना को चार सर्किल में तैयार किया गया है। हर एक चक्र आर्म्ड फोर्सेज का महत्व बताता है
  • छह भुजाओं (हेक्सागोन) वाले आकार में बने मेमोरियल के केंद्र में 15 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ है इस पर भित्ति चित्र, ग्राफिक पैनल, शहीदों के नाम और 21 परमवीर चक्र विजेताओं की मूर्ति बनाई गई है
  • आजादी के बाद बीते 59 साल से इस मेमोरियल की मांग की जा रही थी

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