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Parliament approves Mineral Laws (Amendment) Bill, 2020 | खनिज कानून संशोधन विधेयक, 2020 को संसद ने पारित किया

Parliament approves Mineral Laws (Amendment) Bill, 2020

खनिज  कानून संशोधन विधेयक, 2020 को राज्यसभा में आज मंजूरी मिलने के बाद संसद ने इसे पारित किया

Parliament gave its approval to the Mineral Laws (Amendment) Bill, 2020 with the Rajya Sabha adopting the same today. The bill was passed in a division of votes with 83 members favouring and 12 opposing it. It was passed by the Lok Sabha last week.

Reiterating Prime Minister Narendra Modi’s thought of Minimum Government, Maximum Governance, Mines Minister Pralhad Joshi, in his reply, to the debate said, the bill envisages curtailing time lag in the operationalization of the coal blocks even after their allocation.

Mr. Joshi said, the amendment would facilitate in making the country self-reliant and ensure that despite being the fourth largest source of coal, no foreign exchange will be lost in its import. He justified that the amendment was needed to ensure uninterrupted coal supplies and other raw material to thermal plants and other industries.

खनिज कानून संशोधन विधेयक, 2020 को राज्यसभा में आज मंजूरी मिलने के बाद संसद ने इसे पारित कर दिया। लोकसभा पिछले सप्ताह इसे पारित कर चुकी है। राज्यसभा में मत विभाजन के दौरान तिरासी सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में तथा बारह सदस्यों ने विरोध में मतदान किया।

केन्द्रीय खनन मंत्री प्रल्हाद जोशी ने चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन की अवधारणा के अनुरूप अब कोयला ब्लॉकों के आवंटन और उनके परिचालन के बीच लगने वाले समय को बचाया जा सकेगा।

श्री जोशी ने कहा कि इस संशोधन से देश आत्म निर्भर होगा। उन्होंने कहा कि कोयला उत्पादन में देश के चौथे स्थान पर होने के बाद भी कोयले के आयात से विदेशी मुद्रा का कोई नुकसान नहीं होगा। थर्मल संयंत्रों और अन्य उद्योगों को कोयले और अन्य कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए इस संशोधन की आवश्यकता थी।

 

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