TRIFED in Collaboration with UNICEF & WHO organized a Webinar for Promotion of Digital Campaign for SHGs


TRIFED in Collaboration with UNICEF & WHO organized a Webinar for Promotion of Digital Campaign for SHGs to ensure Tribal gatherers carry on their Work Safely


TRIFED organized a Webinar for Virtual training to its Trainers and Self Help Groups (SHGs) on basic orientation on Covid-19 response and key preventive measures to ensure tribal gatherers carry on their work safely. It was aimed to reach more than 18,000 participants and would cover tribal regions across all the 27 States. To ensure tribal gatherers carry on their work safely, TRIFED has collaborated with UNICEF and WHO for developing a digital communication strategy for promoting a digital campaign for Self Help Groups (SHGs) involved in this work, highlighting the importance of Social Distancing.

UNICEF is providing the necessary support to the SHG Centers in the form of Digital Multimedia content, Webinars for Virtual trainings (basic orientation on COVID response, key preventive behaviours), Social Media campaigns (on social distancing, home quarantine, etc.) and Vanya Radio. Additionally, TRIFED has reached out to the Art of Living Foundation’s #iStandWithHumanity Initiative with a Stand With Tribal Families component in providing much needed food and ration for survival of the tribal community.

A total of 1205 Van Dhan Vikas Kendras (VDVKs) have been sanctioned in 27 States and 1 Union territory involving around 18,075 Van Dhan Self Help Groups. This involves over 3.6 Lakhs tribal gatherers in the Scheme. To start with, 15,000 of these SHGs will be promoted as Van Dhan Social Distancing Awareness cum Livelihood Centers’ through a digital training program. The SHGs will create awareness among the community about social distancing and steps to be followed. Do’s and Don’ts Advisories relating to NTFP to be kept in mind during Covid-19, providing suggestive practices for maintaining personal hygiene, adopting cashless practices, among others will be shared.

  • Shri Pravir Krishna, MD, TRIFED

Source pib-

 


ट्राइफेड ने यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए वेबिनार के माध्यम से डिजिटल अभियान शुरू किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जनजाति- संग्राहक अपने काम को सुरक्षित रूप से कर सकें


ट्राइफेड ने आज वेबिनार के माध्यम से अपने प्रशिक्षकों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को वर्चुअल प्रशिक्षण के माध्यम से कोविड-19 के बारे में और इसके मुख्य निवारक उपायों पर बुनियादी अनुस्थापन (नीति) पर काम शुरू किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जनजाति- संग्राहक सुरक्षित रूप से काम कर सकें। इसका उद्देश्य सभी 27 राज्यों में फैले 18,000 से अधिक प्रतिभागियों और सभी जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचना है। जनजाति- संग्राहकों को सुरक्षित रूप से कार्य करना सुनिश्चित करने के लिए, ट्राइफेड ने यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर इस काम में शामिल स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए डिजिटल अभियान को बढ़ावा देने हेतु डिजिटल संचार की योजना का विकास किया है, साथ ही इसके माध्यम से सासामाजिक दूरी के महत्व पर भी प्रकाश डाला है

यूनिसेफ स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) केंद्रों को डिजिटल मल्टीमीडिया के माध्यम जैसे वेबिनार के जरिए आभासी प्रशिक्षण (कोविड-19 पर मूल अभिविन्यास, प्रमुख निवारक उपाय), सोशल मीडिया अभियान (सामाजिक दूरी और घरेलू क्वारंटीन) और वन रेडियो जैसे कार्यक्रमों के जरिए आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है। इसके अलावा, ट्राइफेड ने आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के साथ मिलकर हैशटैग #iStandWithHumanity पहल के जरिए भी पहुंच बना रहा है, जिससे जरिए जनजातीय समुदाय के लोगों को आवश्यक भोजन और राशन उपलब्ध कराया जा सके।

27 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में कुल 1205 वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 18,075 वन धन स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) शामिल हैं।इस योजना से करीब 3.6 लाख जनजातीय (आदिवासी) लोग लाभान्वित होंगे। इसे शुरू करते हुए, इनमें से 15,000 को डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से वन धन सामाजिक दूरी जागरूकता सह आजीविका केंद्र के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा।ये स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) एसएचजी इस समुदाय के बीच सामाजिक दूरी और पालन किए जाने वाले उपायों के बारे में जानकारी देकर जागरूकता भी पैदा करेंगे।कोविड-19 के दौरान एनटीएफपी से संबंधित ‘क्या करें और क्या न करें’ की एडवाइजरी को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक करना, लेन-देन की प्रक्रिया में कैशलेस को अपनाना जैसे मुख्य उपाय एक-दूसरे के बीच साझा किया जाएंगे।

  • ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) श्री प्रवीर कृष्णा

स्रोत pib-

 

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