Smt. Nirmala Sitharaman attends the 2nd G20 Finance Ministers and Central Bank Governors Meeting


Smt. Nirmala Sitharaman attends the 2nd G20 Finance Ministers and Central Bank Governors Meeting


Union Minister for Finance & Corporate Affairs, Smt. Nirmala Sitharaman participated in the virtual session of the 2nd G20 Finance Ministers and Central Bank Governors (FMCBG) meeting under the Saudi Arabian Presidency , to discuss the global economic outlook amid evolving COVID-19 pandemic crisis.

Finance Minister focused upon the role of Finance Ministers and Central Bank Governors in safeguarding the lives and livelihood of people while maintaining macroeconomic stability in a sustainable manner.
She shared with her G20 counterparts the measures taken by Government of India to provide the vulnerable sections with swift, timely and targeted assistance.
India has disbursed financial assistance amounting to USD 3.9 billion to more than 320 million people, with a special focus on direct benefit transfer through digital technology so that the exposure of beneficiaries to public places is minimised.

Smt Sitharaman also said that the monetary policy measures undertaken by Government of India, Reserve Bank of India and other regulators have helped de-freeze the market and catalyse credit flows.

These measures include –

  • liquidity support of USD 50 billion,
  • regulatory and supervisory measures for credit easing,
  • relief on debt servicing through moratoriums on instalments of term-loans,
  • eased working capital financing and
  • deferred interest payments on such financing.

An Action Plan has been prepared by G20 members on the directions of G20 Leaders to protect lives, safeguard people’s jobs and incomes, restore confidence, preserve financial stability, revive growth and recover stronger, provide help to countries needing assistance , coordinate on public health and financial measures and minimise disruption to global supply chain.

G20 Group of Twenty

Formation – 26 September 1999
Purpose – Bring together systemically important industrialized and developing economies to discuss key issues in the global economy
Membership – 20 members (Argentina, Australia, Brazil, Canada, China, European Union, France, Germany, India,Indonesia, Italy, Japan, Mexico, Russia, Saudi Arabia, South Africa, South Korea, Turkey, United Kingdom, United States)
Chairman – Saudi Arabia King Salman bin Abdulaziz Al Saud (2020)

Source  pib-


श्रीमती निर्मला सीतारमण ने जी20 के वित्त मंत्रि‍यों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की दूसरी बैठक में भाग लिया


केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कोविड-19 महामारी के गहराते संकट के बीच वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण पर चर्चा करने के लिए आज सऊदी अरब की अध्‍यक्षता में आयोजित जी20 के वित्त मंत्रि‍यों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की दूसरी बैठक के वर्चुअल सत्र में भाग लिया।

वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने सतत रूप से व्यापक आर्थिक स्थिरता को बरकरार रखते हुए लोगों के जीवन एवं आजीविका की रक्षा करने में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की भूमिका पर फोकस किया।
उन्‍होंने समाज के कमजोर तबकों को त्वरित, समय पर और लक्षित सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा किए गए विभिन्‍न महत्‍वपूर्ण उपायों को अपने जी20 समकक्षों के साथ साझा किया।
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक सिर्फ दो हफ्तों में ही भारत ने डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण पर फोकस करते हुए 320 मिलियन से भी अधिक लोगों को 3.9 अरब अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता राशि वितरित की है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर लाभार्थियों के आगमन को कम से कम किया जा सके।
उन्होंने वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों को यह जानकारी दी कि भारत को अब वित्तीय समावेश के दूरदर्शी कदमों का लाभ मिल रहा है जो हमारे प्रधानमंत्री के अनेक पथप्रदर्शक एवं अभिनव सुधारों का अहम हिस्सा हैं।
श्रीमती सीतारमण ने यह भी कहा कि भारत सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य नियामकों द्वारा किए गए मौद्रिक नीति संबंधी उपायों ने बाजार को निरंतर नई गति प्रदान करने एवं ऋण प्रवाह बढ़ाने में काफी मदद की है।
इन उपायों में 50 अरब अमेरिकी डालर की तरलता (लिक्विडिटी) सहायता, कर्ज में सुगमता के लिए नियामकीय एवं पर्यवेक्षी उपाय, सावधि ऋणों (टर्म लोन) की किस्तों के स्थगन के माध्यम से कर्ज अदायगी में राहत देना, कार्यशील पूंजी के वित्तपोषण को आसान बनाना और इस तरह के वित्तपोषण पर ब्याज भुगतान को स्थगित करना शामिल हैं।

श्रीमती सीतारमण ने यह भी कहा कि भारत सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य नियामकों द्वारा किए गए मौद्रिक नीति संबंधी उपायों ने बाजार को निरंतर नई गति प्रदान करने एवं ऋण प्रवाह बढ़ाने में काफी मदद की है।
इन उपायों में –

  • 50 अरब अमेरिकी डालर की तरलता (लिक्विडिटी) सहायता,
  • कर्ज में सुगमता के लिए नियामकीय एवं पर्यवेक्षी उपाय,
  • सावधि ऋणों (टर्म लोन) की किस्तों के स्थगन के माध्यम से कर्ज अदायगी में राहत देना,
  • कार्यशील पूंजी के वित्तपोषण को आसान बनाना और
  • इस तरह के वित्तपोषण पर ब्याज भुगतान को स्थगित करना शामिल हैं।

जीवन की रक्षा करने, लोगों की नौकरियों एवं आय की रक्षा करने, विश्वास बहाल करने, वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने, विकास में नई जान फूंकने एवं काफी तेजी से पुन: विकास पथ पर अग्रसर होने, सहायता की आवश्यकता वाले देशों को मदद देने, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं वित्तीय उपायों पर समन्वय करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्‍लाई चेन) में आए व्यवधान को कम करने के लिए जी20 के नेताओं द्वारा दिए गए निर्देशों पर जी20 के सदस्य देशों द्वारा एक कार्य योजना तैयार की गई है।

जी 20 ग्रुप ऑफ ट्वेंटी

गठन – 26 सितंबर 1999
उद्देश्य – वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए व्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण औद्योगिक और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाना
सदस्यता – 20 सदस्य (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका)
अध्यक्ष – सऊदी अरब के राजा सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद (2020)

स्रोत pib-

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