Govt passes ordinance to protect Health Workers – 7 साल की Jail, 5 lakh जुर्माना लगेगा


Govt passes ordinance to protect Health Workers – 7 साल की Jail, 5 lakh जुर्माना लगेगा


The Union Cabinet  promulgated an ordinance to protect healthcare workers who have been facing violent attacks in the line of duty during the coronavirus pandemic , that attacks against doctors and medical staff will not be tolerated.

Key points of the Union minister’s address:
* “Health workers who are trying to save the country from this epidemic are unfortunately facing attacks. No incident of violence or harassment, against them will be tolerated,” said the Union minister.

The proposed ordinance will amend the Epidemic Diseases Act, 1897.
* Such crime will now be cognizable and non-bailable.
* Investigation will be done within 30 days.
* In case of grievous injuries to health workers, the accused can be sentenced from anywhere between 6 months to 7 years and can be fined Rs 1 lakh to Rs 5 lakh.
* If damage is done to the vehicles or clinics of healthcare workers, then a compensation amounting to twice the market value of the damaged property will be taken from the accused.

Sources – TOI


डॉक्टरों, पैरामेडिक कर्मियों की सुरक्षा के लिए सरकार लाएगी सख्त अध्यादेश


कोविड 19 (covid 19)की वैश्विक महामारी से निपटने के लिए देशव्यापी अभियान में डाॅक्टरों एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों(paramedical staff) पर हमलों की बढ़ रहीं घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार ने एक सख्त अध्यादेश(strict ordinance) लाने का फैसला किया है जिसके तहत दोषियों को सात साल तक की कैद एवं सात लाख रुपए तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार महामारी रोग अधिनियम 1897 में संशोधन के लिए एक अध्यादेश लायेगी जिसमें डॉक्टरों एवं चिकित्सा कर्मियों पर हिंसक हमले को संज्ञेय एवं गैरजमानती अपराध बनाया जाएगा।

जावड़ेकर ने कहा कि अध्यादेश में डॉक्टरों एवं चिकित्सा कर्मियों पर होने वाले हमले की दशा में पांच माह से लेकर पांच साल तक के कारावास एवं 50 हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपए के जुर्माने की सजा तथा जघन्य हमले की दशा में सात साल तक के कारावास एवं सात लाख रुपए तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान किया जाएगा। डॉक्टरों एवं चिकित्सा कर्मियों के वाहन, क्लीनिक आदि संपत्ति के नुकसान की दशा में उक्त क्षतिग्रस्त संपत्ति के बाजार मूल्य के दोगुने के बराबर राशि दोषियों से वसूली जाएगी और क्षतिपूर्ति की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अध्यादेश से डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य सेवाओं में लगे लोगों की निजी एवं पेशेवराना सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

इससे पहले दिन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से डॉक्टरों और भारतीय चिकित्सा संघ के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी और आश्वस्त किया था कि मोदी सरकार उनकी सुरक्षा तथा कल्याण की दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

अपनी जान की परवाह किये बिना कोरोना महामारी के उपचार में जुटे डॉक्टरों पर देश भर में हो रहे हमलोें के मद्देनजर भारतीय चिकित्सा संघ और डॉक्टरों ने आज शाम सांकेतिक विरोध का आह्वान किया था।

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