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Minister for Rural Development, Panchayati Raj and Agriculture & Farmers’ Welfare holds Video Conference with State Rural Development Ministers


Minister for Rural Development, Panchayati Raj and Agriculture & Farmers’ Welfare holds Video Conference with State Rural Development Ministers


 

 

Union Minister for Rural Development, Panchayati Raj and Agriculture & Farmers’ Welfare Shri Narendra Singh Tomar held a Video Conference with Rural Development Ministers and concerned officers of States and Union Territories for scaling up of works under Mahatma Gandhi Rural Employment Guarantee Scheme (MGNREGS), Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin (PMAY-G), Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (PMGSY) and National Rural Livelihood Mission (NRLM) in the light of the relaxation granted by Ministry of Home Affairs in Non-Containment Areas from 20th April, 2020. 

The Minister emphasised that although the challenge posed by the spread of COVID-19 epidemic is very serious, but this challenge must be perceived as an opportunity by all States/UTs to develop and strengthen rural infrastructure, create employment opportunities in rural areas and facilitate diversification of rural livelihoods.   

He informed that the Ministry of Rural Development has already released more than Rs. 36,000 Crore to the States/UTs in the current financial year. The Ministry has sanctioned Rs. 33,300 Crore under MGNREGA out of which Rs. 20,225 Crore has been released to liquidate all outstanding dues of previous years towards wages and materials. The said sanctioned amount is sufficient to meet expenses under MGNREGA till June 2020. The Minister assured the States and UTs that adequate financial resources are available for Rural Development Programmes.

Shri Narendra Singh Tomar also urged the States and UTs to proactively start Rural Development Schemes relating to employment generation, infrastructure creation and strengthening of rural livelihoods while taking all necessary COVID-19 related precautions.  

He emphasised that under MGNREGS, the focus should be on water conservation, water recharge and irrigation work in convergence with the Schemes of Ministry of Jal Shakti and Department of Land resources.

Under PMAY (G), priority would be to complete those 48 lakh housing units where 3rd and 4th instalments have been given to the beneficiaries. Under PMGSY, the focus should on quick award of tenders in sanctioned road projects and starting pending road projects.  The contractors, suppliers, workers etc should be galvanised to quick start the works.

He appreciated the fact that women SHGs under NRLM are making protective face covers, sanitizers, soaps and are running community kitchens in large numbers. 

 

Source  pib-

 


ग्रामीण विकास, पंचायती राज और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की


केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज और कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने आज राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और सम्‍बद्ध अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंस कर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नॉन-कंटेनमेंट क्षेत्रों में 20 अप्रैल 2020 से दी गई ढील के आलोक में महात्‍मा गांधी ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(पीएमजीएसवाई) और राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत कार्य बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।

श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही कोविड-19 महामारी फैलने की वजह से उत्‍पन्‍न चुनौती बेहद गंभीर है, लेकिन सभी राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों को अनिवार्य रूप से इस चुनौती का उपयोग ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सशक्‍त बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन करने और ग्रामीण आजीविका में विविधता लाने को सुगम बनाने पर किया जाना चाहिए। 

उन्‍होंने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय चालू वित्‍त वर्ष में पहले ही राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों के लिए 36,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा धनराशि जारी कर चुका है। मंत्रालय ने मनरेगा के तहत 33,300 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है, जिसमें से 20,225 करोड़ रुपये की राशि वेतन और सामग्री के संबंध में पिछले साल के बकाये के भुगतान के लिए जारी की गई है। उन्‍होंने कहा कि मंजूर की गई धनराशि मनरेगा के तहत जून 2020 तक के खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त है। उन्‍होंने राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों को भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए पर्याप्‍त वित्‍तीय संसाधन उपलब्‍ध हैं।

श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों से कोविड-19 से संबंधित सभी आवश्‍यक सावधानियां बरतते हुए रोजगार के साधनों के सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास और ग्रामीण आजीविका के साधनों को सशक्‍त बनाने से संबंधित ग्रामीण विकास योजनाओं को अग्रसक्रियता के साथ प्रारंभ करने का भी अनुरोध किया।

उन्‍होंने इस बात पर बल दिया कि मनरेगा के तहत जल शक्ति मंत्रालय और भू संसाधन विभाग के साथ समन्‍वय करते हुए जल संरक्षण, जल पुनर्भरण और सिंचाई कार्यों पर ध्‍यान केंद्रित किया जाना चाहिए। 

पीएमएवाई(जी) के तहत उन 48 लाख आवासीय इकाइयों को पूरा करने को प्राथमिता दी जानी चाहिए, जहां लाभार्थियों को तीसरी और चौथी किस्‍तें दी जा चुकी हैं। पीएमजीएसवाई के अंतर्गत मंजूर सड़क परियोजनाओं और लम्बित सड़क परियोजनाओं को शुरु करने से संबंधित निविदाओं को जल्‍द प्रदान किए जाने पर ध्‍यान केंद्रित किया जाना चाहिए। ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं, श्रमिकों आदि को काम शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

उन्होंने एनआरएलएम के तहत महिला एसएचजी द्वारा सुरक्षात्मक फेस कवर, सैनिटाइज़र, साबुन बनाए जाने  और बड़ी संख्या में सामुदायिक रसोई चलाए जाने की सराहना की।

स्रोत  pib-

 

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