Team led by IIT Bombay student develops low-cost mechanical ventilator Ruhdaar


Team led by IIT Bombay student develops low-cost mechanical ventilator Ruhdaar


 
 
A team of engineering students from IIT Bombay, NIT Srinagar and Islamic University of Science & Technology (IUST), Awantipora, Pulwama, Jammu and Kashmir is one such group of creative individuals who have come forward to solve the problem of ventilator requirement. The team has come up with a low-cost ventilator using locally available materials.
 
Here is how the Ruhdaar ventilator, as the team has named it, took birth.
The project head Zulqarnain, a first-year student of Industrial Design Centre, IIT Bombay, had gone to his hometown Kashmir, when the institute closed due to the pandemic.On getting to know the ground situation as the pandemic progressed, he understood that there were only 97 ventilators in the Kashmir Valley. He sensed that the need was more and that the concern about shortage of ventilators had become a big worry for many people.
 
So, Zulqarnain teamed up with his friends P. S Shoib, Asif Shah and Shakar Nehvi from IUST, Awantipora and Majid Koul from NIT Srinagar. Taking assistance from the Design Innovation Centre (DIC) at IUST, the team has been able to design a low-cost ventilator using locally available materials. While their initial aim was to replicate a tried and tested design, as they began to work on it, they developed their own design of the ventilator.
 
Zulqarnain says “the prototype costed the team around Rs. 10,000 and that the cost will be much lower, when we go for mass production.” 
 
Professor, Department of Mechanical Engineering, IUST, Dr. Majid H. Koul said that the low-cost frugal ventilator was developed using components available at DIC. Facilities at the Centre such as 3-D printing and laser-cutting technologies also were instrumental in the success of the prototype. The Centre is an initiative of the Ministry of Human Resource Development, Government of India.
 
 
 
Source  pib-
 

आईआईटी बाम्‍बे के छात्रों ने कम लागत वाले मैकेनिकल वेंटिलेटर ‘रुहदार’ का विकास किया


ईआईटी बॉम्बे, एनआईटी श्रीनगर और इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईयूएसटी), अवंतीपोरा, पुलवामा, जम्मू और कश्मीर के इंजीनियरिंग छात्रों की एक टीम  ने स्थानीय स्‍तर पर उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग करते हुए कम लागत वाला वेंटिलेटर बनाया।
 
टीम ने इसको रूहदार वेंटिलेटर नाम दिया है।
इसका जन्‍म इस प्रकार हुआ- प्रोजेक्ट हेड और आईआईटी बॉम्बे के इंडस्ट्रियल डिज़ाइन सेंटर के प्रथम वर्ष के छात्र ज़ुल्कारनैन महामारी के कारण संस्थान बंद हो जाने पर अपने गृहनगर कश्मीर गए थे। महामारी बढ़ने पर ज़मीनी स्थिति का पता चला तो उन्होंने मालूम हुआ कि कश्मीर घाटी में केवल 97 वेंटिलेटर हैं। उन्होंने महसूस किया कि इनकी आवश्यकता इससे कहीं अधिक थी और वेंटिलेटर्स की कमी कई लोगों के लिए प्रमुख चिंता बन गई थी।
 
इसलिए, ज़ुल्कारनैन ने आईयूएसटी, अवंतीपोरा के अपने दोस्तों पी. एस. शोएब, आसिफ शाह और शाहकार नेहवी और एनआईटी श्रीनगर के माजिद कौल के साथ मिलकर काम किया। आईयूएसटी के डिजाइन इनोवेशन सेंटर (डीआईसी) से सहायता लेते हुए टीम स्थानीय स्तर पर उपलब्‍ध सामग्री का उपयोग करके कम लागत वाले वेंटिलेटर डिजाइन करने में सक्षम रही है।
 
जुल्कारनैन कहते हैं, “टीम के लिए इस प्रोटोटाइप की लागत लगभग 10,000 रुपये रही और जब हम बड़े पैमाने पर उत्पादन करेंगे, तो लागत इससे बहुत कम होगी।” 
 
प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईयूएसटी डॉ. माजिद एच. कौल ने कहा कि डीआईसी में उपलब्ध घटकों का उपयोग करके कम लागत वाले किफायती वेंटिलेटर का विकास किया गया। प्रोटोटाइप की सफलता में 3-डी प्रिंटिंग और लेजर-कटिंग तकनीक जैसी केंद्र की सुविधाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह सेंटर भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक पहल है।
 
 
स्रोत   pib-
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