Battery Swapping Facility Quick Interchange Service inaugurated in Chandigarh

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Battery Swapping Facility Quick Interchange Service inaugurated in Chandigarh


 

 

Shri V P Singh Badnore, Governor of Punjab-cum-Administrator, UT, Chandigarh, alongwith the Minister of Petroleum and Natural Gas & Steel Shri Dharmendra Pradhan inaugurated Battery Swapping FacilityQuick Interchange Service (QIS) at Chandigarh.

  • Battery swapping technology offers the best alternative to slow charging and helps the drivers to make optimum use of the operational hours.
  • The battery swapping model is initially targeted at the commercial segment, i.e., electric autos, rickshaws and electric 2W also and the electric vehicle which is either factory fitted or retrofitted. 
  • IndianOil has signed a non- binding Strategic cooperation document withM/s Sun Mobility to explore setting up of Energy infrastructure for Electric vehicle through Battery Swapping model across IndianOilRetail outlets in select cities.
  • Indian Oil intends running a Pilot and offering SMPLs (Smart Mobility Proprietary Solutions) to support and service vehicles comprising of e-rickshaws, e-karts and e-bikes, and e-auto rickshaws up to 20 to 25 quick interchange stations in select cities across India.
  • Sun Mobility Pte Ltd. has plans to install 20 QIS across major towns covering New Delhi, Gurugram, Bengaluru, Chandigarh, Amritsar, others.
  • The Pilot ROs – QIS have 14 Batteries, a touch screen for swapping preloaded cards and an electricity sub meter.
  • Electric mobility stations will reduce emissions, check air and noise pollution, and will help in preventing climate changes. 

Source   pib-

 


तत्काल बैटरी अदला बदली सेवा सुविधा की चंडीगढ़ में शुरुआत


पंजाब के राज्यपाल और केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ के प्रशासक वीपी सिंह बदनोर ने केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ मिलकर चंडीगढ़ में तत्काल बैटरी अदला बदली (बैटरी स्वैपिंग)सुविधा सेवा का उद्घाटन किया। 

  • बैटरी स्वैपिंग तकनीक अर्थात बैटरी की अदला बदली बैटरी के धीमी गति से चार्ज  होने का  सबसे अच्छा विकल्प प्रदान करती है और इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को परिचालन समय का इष्टतम उपयोग करने में मदद करती है।
  • बैटरी स्वैपिंग मॉडल का इस्तेमाल शुरुआती चरण में वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे ऑटो रिक्शा और दोपहिया वाहनों के लिए करने का लक्ष्य रखा गया है जिनमें बैटरी निर्माता कंपनी की ओर से पहले ही फिट की जाती है या फिर बाद में लगायी जाती है।
  • इंडियन ऑयल ने चुनिंदा शहरों में अपने रिटेल आउटलेट्स पर बैटरी स्वैपिंग मॉडल के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने के लिए जरुरी अवसंरचना विकसित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए मेसर्स सन मोबिलिटी के साथ एक गैर-बाध्यकारी करार किया है।
  • इंडियन ऑयल का इरादा देश के कुछ चुनिंदा शहरों में ई-रिक्शा, ई-कार्ट, ई-बाइक और ई-ऑटो रिक्शा जैसे वाहनों के लिए 20 से 25 त्वरित इंटरचेंज स्टेशनों से युक्त सेवाओं वाली पायलट परियोजना चलाने तथा इसके माध्यम से  एसएमपीएल (स्मार्ट मोबिलिटी प्रोपराइटरी सॉल्यूशंस) सुविधा प्रदान करने का है।
  • भारत में  सन मोबिलिटी  की नई दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलुरु, चंडीगढ़ और अमृतसर सहित कई शहरों में 20 ऐसे  क्यूआईएस स्थापित करने की योजना है।
  • पायलट आरओ – क्यूआइएस में 14 बैटरियां हैं, प्रीलोडेड कार्ड स्वैप करने के लिए एक टच स्क्रीन और एक बिजली सब मीटर है।
  • इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्टेशन कार्बन उत्सर्जन को कम करेंगे। इससे वायु और ध्वनि प्रदूषण को भी नियंत्रित किया जा सकेगा जिससे जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी।

 

स्रोत   pib-

 

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