DAC approves capital acquisition of various platforms & equipment worth Rs 38,900 crore


DAC approves capital acquisition of various platforms & equipment worth Rs 38,900 crore


 

 

Defence Acquisition Council (DAC) in its meeting of held under the chairmanship of Raksha Mantri Shri Rajnath Singh accorded approval for capital acquisition of various platforms and equipment required by the Indian Armed Forces. Proposals for an approximate cost of Rs 38,900 crore were approved. 

  • Focused on indigenous design and development these approvals include acquisitions from Indian industry of Rs 31,130 crore.
  • The equipment are going to be manufactured in India involving Indian defence industry with participation of several MSMEs as prime tier vendors.
  • The indigenous content in some of these projects is up to 80 per cent of the project cost.
  • A large number of these projects have been made possible due to Transfer of Technology (ToT) by Defence Research and Development Organisation (DRDO) to the indigenous industry.
  • These include Pinaka ammunitions, BMP armament upgrades and software defined radios for the Indian Army, Long Range Land Attack Cruise Missile Systems and Astra Missiles for the Indian Navy and Indian Air Force (IAF).
  • The cost of these design and development proposals is in the range of Rs 20,400 crore. 
  • Acquisition of new/additional missile systems will add to the fire power of three Services.
  • While acquisition of Pinaka missile systems will enable raising additional regiments over and above the ones already inducted, addition of Long Range Land Attack Missile Systems having a firing range of 1,000 kilometres to the existing arsenal will bolster the attack capabilities of the Navy and the Air Force.
  • Similarly induction of Astra Missiles having Beyond Visual Range capability will serve as a force multiplier and immensely add to the strike capability of the Navy and Air Force. 
  • Further, addressing the long felt need of the IAF to increase its fighter squadrons, the DAC also approved the proposal for procurement of 21 MIG-29 along with upgradation of existing 59 MIG-29 aircraft and procurement of 12 Su-30 MKI aircraft.
  • While the MIG 29 procurement and upgradation from Russia is estimated to cost Rs 7,418 crore, the Su-30 MKI will be procured from Hindustan Aeronautics Limited (HAL) at an estimated cost of Rs 10,730 crore.

 

Source   pib-

 


डीएसी ने 38,900 करोड़ रुपये मूल्य के विभिन्न प्लेटफार्मों और उपकरणों से सम्बंधित सैन्य सामग्री के अधिग्रहण को मंजूरी दी


क्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा विभिन्न प्लेटफार्मों और उपकरणों से सम्बंधित सैन्य सामग्री के अधिग्रहण को मंजूरी दी गयी। 38,900 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

  • स्वदेशी डिजाइन और विकास पर केंद्रित इन स्वीकृतियों में भारतीय उद्योग से 31,130 करोड़ रुपये की सैन्य सामग्री का अधिग्रहण शामिल है।
  • उपकरण भारत में निर्मित किये जायेंगे।
  • निर्माण में भारतीय रक्षा उद्योग शामिल है जिन्हें कई एमएसएमई प्रमुख विक्रेताओं के रूप में सहयोग प्रदान करेंगे।
  • इनमें से कुछ परियोजनाओं में स्वदेशी सामग्री का हिस्सा, परियोजना लागत के 80 प्रतिशत तक है।
  • इन परियोजनाओं की बड़ी संख्या, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा स्वदेशी उद्योग को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) के कारण संभव हुई हैं।
  • इनमें भारतीय सेना के लिए पिनाका गोला-बारूद, बीएमपी आयुध उन्नयन और सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो तथा भारतीय नौसेना एवं भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के लिए लम्बी दूरी तक जमीन पर आक्रमण करने वाली क्रूज मिसाइल प्रणाली और एस्ट्रा मिसाइल शामिल हैं।
  • इन डिजाइन व विकास प्रस्तावों की लागत 20,400 करोड़ रुपये है।
  • नई / अतिरिक्त मिसाइल प्रणालियों के अधिग्रहण से तीन सेनाओं की मारक क्षमता में वृद्धि होगी।
  • पिनाका मिसाइल प्रणाली के अधिग्रहण के द्वारा पहले से शामिल सैन्यदलों व अतिरिक्त रेजिमेंट को सक्षम किया जा सकेगा तथा जमीन पर 1,000 किलोमीटर की लम्बी दूरी तक हमले करने वाली मिसाइल प्रणाली, नौसेना और वायु सेना की आक्रमण क्षमताओं को बढ़ाएगी।
  • इसी तरह एस्ट्रा मिसाइलों को शामिल करने से नौसेना और वायु सेना की आक्रमण क्षमताओं में कई गुना वृद्धि होगी क्योंकि इस मिसाइल की मारक क्षमता हमारे विजुअल रेंज से भी अधिक है।
  • इसके अलावा, अपने लड़ाकू स्क्वाड्रनों को बढ़ाने से सम्बंधित भारतीय वायुसेना की जरूरत को देखते हुए, डीएसी ने मौजूदा 59 मिग-29 विमानों के उन्नयन के साथ 21 मिग-29 और 12 एसयू-30 एमकेआई विमानों की खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
  • रूस से मिग – 29 की खरीद और उन्नयन के मद में 7,418 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि एसयू – 30 एमकेआई को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से खरीदा जाएगा जिनकी अनुमानित लागत 10,730 करोड़ रुपये है।

 

स्रोत    pib-

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